गर्मी में दूध देने वाले पशुओं को हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं?
गर्मी का मौसम, इंसानों के लिए तो तकलीफदेह होता ही है, लेकिन दूध देने वाले पशुओं के लिए यह जानलेवा बन सकता है। हर साल अप्रैल से जून के बीच तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है। लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि पशु इंसानों से 2–3 डिग्री पहले ही गर्मी का असर महसूस करने लगते हैं। यही कारण है कि हीट स्ट्रेस उनके लिए बहुत जल्दी गंभीर रूप ले लेता है।


क्या आपके पशु में ये लक्षण दिख रहे हैं?
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अगर हां, तो तुरंत सतर्क हो जाइए:
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पशु छाया ढूंढता है
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पशु को प्यास नहीं लगती या बार-बार पानी मांगता है
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आहार में मुँह मारता है, पर खाता नहीं है
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तनाव से बेहाल या चिड़चिड़ा हो जाता है
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बार-बार उठता-बैठता है
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शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है
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अचानक दूध कम कर देता है या देना बंद कर देता है
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हाँफता है या तेजी से सांस लेता है
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लार टपकती है
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कभी-कभी बेहोशी तक हो जाती है
ये सभी संकेत हीट स्ट्रेस और हीट स्ट्रोक के हो सकते हैं।
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डॉ. बलवान नरवाल की सलाह: समाधान है Coolras
हरियाणा के पशु विशेषज्ञ डॉ. बलवान नरवाल ने किसानों को बताया:
“गर्मी में पशु का शरीर अंदर से उबलने लगता है। लेकिन Coolras में मौजूद Seaflora और हाई पोटेंसी इलेक्ट्रोलाइट्स पशु को भीतर से ठंडक और शक्ति देते हैं।”
Coolras: गर्मी से राहत और स्वास्थ्य का ठंडा फॉर्मूला
Coolras एक लिक्विड सप्लिमेंट है जो गर्मियों में पशुओं को हीट स्ट्रेस और स्ट्रोक से बचाता है। इसके मुख्य घटक हैं:
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Seaflora Extracts – समुंदर के शैवाल से निकले प्राकृतिक तत्व जो शरीर को डीटॉक्स करते हैं, सेल एनर्जी बढ़ाते हैं और भीतर से कूलिंग प्रभाव देते हैं।
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Electrolytes – नमक व पानी की कमी पूरी कर शरीर का तापमान नियंत्रित करते हैं
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Glucose & Vitamins – त्वरित ऊर्जा देते हैं और दूध उत्पादन बनाए रखते हैं
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Herbal Coolants – प्राकृतिक शीतल तत्व जो पशु को बेचैनी से राहत दिलाते हैं
क्या करें डेयरी किसान?
डॉ. नरवाल की सलाह हर किसान के लिए अमूल्य है:
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पशु को छायादार और हवादार जगह पर रखें
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ठंडा और साफ पानी दिनभर उपलब्ध करवाएं
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गर्मी में नियमित रूप से Coolras दें (दूध देने वाले पशु को 50–100 ml प्रतिदिन)
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आहार में संतुलन और पोषण बनाए रखें
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हीट स्ट्रेस के संकेतों को पहचानें और अनदेखा न करें
रामअवतार – नांगल चौधरी, महेन्द्रगढ़ (हरियाणा टच)
“डॉक्टर साब, गर्मी में तो हमारे पशु जैसे बेहाल हो जावें सै। दूध आधा हो जावे, ऊपर से भूख भी गायब। पिछली बार तो एक भैंस तो सीधा बैठगी थी, ना कुछ खा री थी ना पी री। तब एक जणे Coolras के बारे में बताया। सोची, एक बार आजमा के देखूं। अरै भाई, तीन दिन में पशु की हालत बदलगी – भूख लगने लाग री, पसीना कम, दूध फिर से चालू। अब तो गर्मी आते ही मैं Coolras मंगवा लूं सूँ। ये मेरे लिए रामबाण सै।”
गोपाल मीणा – टोंक, राजस्थान (राजस्थानी टच)
“हमारे एरिये में मई-जून में गर्मी ऐसी पड़ै कि खुद आदमी बौराय जावै, तो पशु के हाल की बात ही अलग। मेरी सात भैंसां में से तीन तो एकदम चारा छोड़ दी। एक जानकार बोला – Coolras ट्राय कर। म्हनै सोची चलो देख लिया जाय। 5-6 दिन में दूध में फरक दिख गयो, पशु शांत, थारे टेम पे चारा भी खावै, पाणी भी ढंग से पीवै। अब तो म्हारो हर साल का सिस्टम बन गयो सै – अप्रैल लागते ही Coolras चालू कर देवां। असली काम की चीज़ सै!”
सरोज देवी – हिसार (देसी हरियाणवी टच + महिला किसान)
“मैं औरत हूं, मेरी अपनी छोटी डेयरी सै। चार भैंसां रखी सैं। गर्मी में एक भैंस तो ऐसे बैठगी जैसे जान ही ना होवे। मुँह फेर लिया चारे तै, दूध तो छोड़ी दो, पानी भी ना पी री थी। डॉक्टर साब बोले – ‘Coolras दे दो, जल्दी ठीक हो जागी’। अरै तीन दिन बाद ही भैंस उठ के खुद चरने लाग री थी, दूध भी चालू। आज तक ऐसी जल्दी असर वाली चीज़ ना देखी। Coolras म्हारे पशु की जान बचाई सै, अब गर्मी आवै तै पहले ही ले आवूं।”
गर्मी का मुकाबला केवल पानी और पंखे से नहीं होगा। पशु को अंदर से ठंडक चाहिए – और उसका हल है Coolras!
Seaflora की ताक़त से भरपूर यह फार्मूला आपके पशुओं को देगा राहत, ऊर्जा और बेहतर दूध उत्पादन।
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Coolras – पशुओं के लिए शांति और ताक़त का ठंडा घूंट